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Technical Documentation Kya Hota Hai | What is Technical Documentation in Hindi

Software के अंदर जिन दस्तावेज का जिक्र किया जाता है। उन्हें Technical Documentation कहते हैं। विभिन्न प्रकार के अलग-अलग लेखन और तकनीकी दस्तावेज को बनाकर ही सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। कई प्रकार से संशोधित होने के पश्चात Technical Documentation के माध्यम से उपलब्ध सामग्री को सर्वोत्तम तकनीकी दस्तावेज के रूप में बनाया जाता है और उसी को आगे सॉफ्टवेयर के रूप में बदल दिया जाता है। हर प्रकार की कंपनी अपनी Style और Format का पालन करते हैं। जिसे भी हम तकनीकी दस्तावेज कह सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको Technical Documentation kya hota hai? इसके बारे में जानकारी देंगे।

Technical Documentation kya hota hai?

कंपनियों द्वारा किसी भी Software के निर्माण के लिए तैयार किए गए दस्तावेज को Technical Documentation कहा जाता है। विभिन्न प्रकार के लेखन के विपरीत और तकनीकी दस्तावेज बनाने का मंत्र एक प्रयोज्य है।

डिजाइन और तकनीकी दस्तावेज सरचना और मशीनों के द्वारा बनाए जाते हैं और विभिन्न प्रकार की दिशाओं में अनुसंधान करने के लिए इस प्रकार के दस्तावेजों का निर्माण होता है। वह विज्ञानिक और भौगोलिक कार्यों के लिए भी तकनीकी दस्तावेज का निर्माण किया जाता है।

Technical Documentation के सामान्य लक्षण

तकनीकी दस्तावेज में विभिन्न प्रकार के दस्तावेज को शामिल किया जाता है। सामान्य तौर पर यह एक तरह का Pendrive है। जिसके अंदर टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रकार के Document Save रहते हैं। इस Drive के माध्यम से किसी भी सॉफ्टवेयर की रूपरेखा शामिल रहती है और उसी के माध्यम से इसका निर्माण होता है।

एक तकनीकी लेखक (Technical Documentation) के लिए जरूरी Skill

तकनीकी दस्तावेज तैयार करने वाले लेखक के पास कौन-कौन से महत्वपूर्ण कौशल होने चाहिए उसकी जानकारी हम आपको नीचे निम्नलिखित रुप से प्रदान करवा रहे हैं।

  1. Technology का Knowledge: Technical Documentation तैयार करने वाले लेखक के पास चटर्जी का पर्याप्त नॉलेज होना चाहिए टेक्नोलॉजी और प्रौद्योगिकी से संभावित संपूर्ण समाज उस व्यक्ति के पास होना जरूरी है। लिखना शुरू करने से पहले उस व्यक्ति को उस टॉपिक पर शोध करना आना बहुत जरूरी है। बिना चिंता किए यदि कोई व्यक्ति प्रभावी और सार्थक रूप से स्पष्ट जानकारी के साथ शोध करता है, तो वह तकनीकी लेखक माना जाता है।
  2. समस्या का निवारण: हर काम को शुरू करते हैं तो कोई न कोई समस्या अवश्य खड़ी होती है। लेकिन वहां पर बेझिझक समस्या का समाधान करना कि आपके रास्ते को आसान बनाता है। समस्या का निवारण करने का तकनीकी लेखक के पास कौशल होना जरूरी है।
  3. Update रहना: किसी भी दस्तावेज को बनाने के पश्चात उसे पुनः चेक करना और उसे रिलीज करने के पश्चात कमियों को दूर करते रहना और अपने सॉफ्टवेयर को लगातार Update करते रहना जरूरी होता है।
  4. अनुभव और सपष्टता: लेखक वही होता है जिसके पास स्पष्ट रूप से लिखने का पूरा अनुभव हो और वह हर जानकारी को संक्षिप्त में और स्पष्ट रूप में बिना गलती किए लिख सकें।
  5. विषय पर चर्चा: जब कोई भी तकनीकी लेखक किसी भी उत्पाद पर काम कर रहा है,तो उस समय उस Topic पर ज्यादा से ज्यादा चर्चा एक दूसरे के साथ करना जरूरी है और चर्चा से ही आपको कई और नए रास्ते मिलते हैं।
  6. त्रुटि ढूढ़ना और ठीक करना: तकनीकी लेखक जिसे अपने उत्पाद को रिलीज करते वक्त उसका पुनः सत्यापन करना जरूरी है और पुनः चेक करके अपने दस्तावेज में क्या गलतियां रह गई है उसे सुधारना बहुत जरूरी है। क्योंकि एक बार रिलीज होने के पश्चात उन गलतियों को सुधारना यूजर एक्सपीरियंस को खराब करने जैसा होता है।
  7. विषय पर दृड़ता: तकनीकी लेखक के पास सबसे महत्वपूर्ण क्वेश्चन जटिल परिस्थितियों के दौरान अपने आप को एक जगह पर इससे रखना और अपने विचारों को बदलने से रोकना होता है। क्योंकि ज्यादातर लोगों को छोटी सी समस्या आती है, ऐसे में व्यक्ति अपना रास्ता बदल देता है।

Technical Documentation की क्या जरूरत होती है?

जब कोई भी Software बनता है तो उससे पहले कई प्रकार की समस्याओं को सुलझाया जाता है। उस सॉफ्टवेयर से संबंधित महत्वपूर्ण प्रकार के रिसर्च किए जाते हैं। उसका एक मानचित्र तैयार किया जाता है और उसी रूप रेखा पर कार्य कर के दस्तावेज को पूरी तरह से तैयार किया जाता है और उसके बाद ही सॉफ्टवेयर लॉन्च होता है।

इस प्रक्रिया में जो दस्तावेज तैयार होते हैं। उन्हें Technical Documentation कहा जाता है और तकनीकी दस्तावेज की जरूरत सॉफ्टवेयर बनाने में पडती है। डायरेक्ट किसी भी सॉफ्टवेयर का निर्माण नहीं होता है। उसके पीछे की रूपरेखा यानी कि Technical Documentation को बनाने की जरूरत पड़ती है।

निष्कर्ष:- Technical Documentation kya hai in Hindi 2022

आज की टेक्नोलॉजी जहां पर आए दिन नए-नए सॉफ्टवेयर का निर्माण हो रहा है। Software बनाने के पीछे कई प्रकार की रूपरेखा का निर्माण करना जरूरी होता है। रूप रेखा का मतलब यहां पर Technical Documentation से है। Technical Documentation के माध्यम से ही Software का निर्माण होता है। आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Technical Documentation kya hota hai? इसके बारे में जानकारी दी है। हमें उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल है तो वह हमें कमेंट के जरिए बता सकता है।

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